4 July 2015

Lyrics Of "Gusse Mein O Soni" From Movie - Shivam (2011)

Gusse Mein O Soni
Gusse Mein O Soni
Lyrics Of Gusse Mein O Soni From Movie - Shivam (2011):  A Playful song sung by Raj Jyoti and Mahalakshmi Iyer, Music has been Composed by Ramen Barua.

Singer: Raj Jyoti, Mahalakshmi Iyer
Music: Ramen Barua
Lyrics: Mahesh Chotia








Lyrics of "Gusse Mein O Soni"



gusse me o soni lagti ho kya
jaane mere dil ko ye kya ho gaya
are o rani, o dilbar jaani na jaane kya ho gaya
gusse me o soni lagti ho kya
jaane mere dil ko ye kya ho gaya
are o rani, o dilbar jaani na jaane kya ho gaya

labo pe kaatoh si hasi meri ye jaa hai jo fasi
machi hai dil me khalbali maar ke hamko kaha chali
na koi jaan na pahchan bin bulaye mehmaan
apne raste chal pado chahe phir jiyo ya maro
dur ho ja tu meri najro se, na khelna aise khatro se
dur ho ja tu meri najro se, na khelna khatro se
gusse me o soni lagti ho kya
jaane mere dil ko ye kya ho gaya
are o rani, o dilbar jaani na jaane kya ho gaya

pyaar na hai khatro ka hai khel
ye toh bas do dilo ka hai mel
karlo ham se dosti jindagi me bhar do masti
na chahu main koi masti na karni hai koi dosti
dekhe hai tere jaise kitne lagega majanu tu pitne
dur ho ja tu meri najro se na khelna khatro se
dur ho ja tu meri najro se na khelna khatro se
gusse me o soni lagti ho kya
jaane mere dil ko ye kya ho gaya
are o rani, o dilbar jaani na jaane kya ho gaya


Lyrics in Hindi (Unicode) of "गुस्से मे ओ सोनी"



गुस्से में ओ सोनी लगती हो क्या
जाने मेरे दिल को ये क्या हो गया
अरे ओ रानी, ओ दिलबर जानी ना जाने क्या हो गया
गुस्से में ओ सोनी लगती हो क्या
जाने मेरे दिल को ये क्या हो गया
अरे ओ रानी, ओ दिलबर जानी ना जाने क्या हो गया

लबो पे काटे सी हसी मेरी ये जान है जो फंसी
मची हैं दिल में खलबली मार के हमको कहा चली
ना कोई जान ना पहचान बिन भुलाए मेहमान
अपने रस्ते चल पड़ो चाहे फिर जियो या मरो
दूर हो जा मेरी नजरो से ना खेलना ऐसे खतरों से
दूर हो जा मेरी नजरो से ना खेलना खतरों से
गुस्से में ओ सोनी लगती हो क्या
जाने मेरे दिल को ये क्या हो गया
अरे ओ रानी, दिलबर जानी, ना जाने क्या हो गया

प्यार ना हैं खतरों का हैं खेल
ये तो बस दो दिलो का हैं मेल
कार्लो हमसे दोस्ती जिंदगी में बहार दो मस्ती
ना चाहू मैं कोई मस्ती ना चाहू मैं कोई दोस्ती
देखे हैं तेरे कैसे कितने लगेगा मजनू तू पीटने
दूर हो जा मेरी नजरो से ना खेलना खतरों से
दूर हो जा मेरी नजरो से ना खेलना खतरों से
गुस्से में ओ सोनी लगती हो क्या
जाने मेरे दिल को ये क्या हो गया
अरे ओ रानी, दिलबर जानी, ना जाने क्या हो गया

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