22 June 2015

Lyrics Of "Chal Halke Halke" From Movie - A Flat (2010)

Chal Halke Halke
Chal Halke Halke
Lyrics Of Chal Halke Halke From Movie - A Flat (2010): Nice playful song sung by Raja Hasan, Sunidhi Chauhan, Bappi Lahiri featuring Hazel Crowney.

Music: Bappi Lahiri
Lyrics: Virag Mishra
Star Cast: Sanjay Suri, Aindrita Ray, Hazel Crowney, Sachin Khedekar, Jimmy Sheirgill, Nassar Abdulla, Kaveri Jha, Saurabh Dubey.



The video of this song is available on youtube at the official channel T-Series. This video is of 4 minutes 13 seconds duration.



Lyrics of "Chal Halke Halke"




barfili chotiya hawaye sang si
aftab najre teri ya khuda ab kya kare
ankhe meri khargoshi hotho me hai madhoshi
chand ki chudi meri hai
marungi mai do choti, ro dungi jhuthi muthi
badal ye mere piche hai
sun jharne tu sidhe kyu gire
tu aaj chal tu mere jaisa ulta chal
o chal halke halke ladki tu, itni kya jaldi hai
sabko ye hawa batlade ki tu ghar se nikalti hai

mai raato se jhagad lungi
uchal ke chand ko pakad lungi
mai gir gir ke sambhal lungi
mai saat rango ko badal dungi
cheese meri leke tu kyu ghar se nikalta hai pagal
o chal halke halke ladki tu, itni kya jaldi hai
sabko ye hawa batlade ki tu ghar se nikalti hai

mai titli ki saheli hu, mai julfo me lipti paheli hu
barf ki taraf hai ghar mera ode wo dhup mai pili hu
suraj meri chaw lekar kyu dubta hai pagal
o chal halke halke ladki tu, itni kya jaldi hai
sabko ye hawa batlade ki tu ghar se nikalti hai

ankhe meri kachi si hotho me hai madhoshi
chand ki chudi meri hai
marungi mai do choti, ro dungi jhuthi muthi
badal ye mere piche hai
sun jharne tu sidhe kyu gire
tu aaj chal tu mere jaisa ulta chal
o chal halke halke ladki tu, itni kya jaldi hai
sabko ye hawa batlade ki tu ghar se nikalti hai


Lyrics in Hindi (Unicode) of "चल हलके हलके"


बर्फीली चोटिया हवाए संग सी
आफताब नजरे तेरी या खुदा अब क्या करे
आँखे मेरी खर्गोशी होठो में है मधहोशी
चाँद की चूड़ी मेरी हैं
मारूंगी मैं दम चोटी, रो दूंगी जूठी मुठी
बादल ये मेरे पीछे हैं
सुन झरने तू सीधे क्यूँ गिरे
तू आज चल तू मेरे जैसा उल्टा चल
ओ चल हलके हलके लड़की तू, इतनी क्या जल्दी हैं
सबको ये हवा बतलादे की तू घर से निकलती हैं

मैं रातो से झगड लुंगी
उछल के चाँद को पकड़ लुंगी
मैं गिर गिर के संभल लुंगी
मैं सात रंगों को बदल दूंगी
चीजे मेरी लेके तू क्या घर से निकलता हैं पागल
ओ चल हलके हलके लड़की तू, इतनी क्या जल्दी हैं
सबको ये हवा बतलादे की तू घर से निकलती हैं

मैं तितली की सहेली हु, मैं जुल्फों में लिपटी पहेली हु
बर्फ की तरफ हैं घर मेरा ओढे वो धुप मे पिली हूँ
सूरज मेरी छांव लेकर क्यू डूबता हैं पागल
ओ चल हलके हलके लड़की तू, इतनी क्या जल्दी हैं
सबको ये हवा बतलादे की तू घर से निकलती हैं

आँखे मेरी खर्गोशी सी होठो में है मधहोशी
चाँद की चूड़ी मेरी हैं
मारूंगी मैं दम चोटी, रो दूंगी जूठी मुठी
बादल ये मेरे पीछे हैं
सुन झरने तू सीधे क्यूँ गिरे
तू आज चल तू मेरे जैसा उल्टा चल
ओ चल हलके हलके लड़की तू, इतनी क्या जल्दी हैं
सबको ये हवा बतलादे की तू घर से निकलती हैं

No comments:

Post a comment