17 April 2015

Lyrics Of "Tu Hi Meri Rooh Mein" From Latest Movie - Rang-e-ishq (2015).

Tu Hi Meri Rooh Mein
Tu Hi Meri Rooh Mein
Lyrics Of Tu Hi Meri Rooh Mein From Rang-e-ishq (2015): A love song sung by Manoj Jaiswal featuring Muzahid Khan & Kavya Kiran.

Singer: Manoj Jaiswal
Music Deen Mohammad
Lyrics: N/A
Star Cast: Muzahid Khan, Kavya Kiran.





The video of this song is available on youtube at the official channel Shemaroo. This video is of 5 minutes 00 seconds duration.



Lyrics of "Tu Hi Meri Rooh Mein"


tu hi meri rooh me samaya
tujhe pa ke khud ko hai paya
lagata hai yun jaise ke tu dhoop me ho saya
tu hi meri rooh me samaya
tujhe pa ke khud ko hai paya
lagata hai yun jaise ke tu dhoop me ho saya
tu hi meri rooh me samaya

saans chale ya ab jism chhute
tu jo ruthe duniya hi ruthe
paa lun tujhe to zinda rahunga
kho ke tujhe main kaise jeeyunga
tu hi mere jine ka sahara
tujhe pa ke o mere yaara
lagata hai yun jaise ke tu aks hai hamara
tu hi meri rooh me samaya

raah me teri jannat hai meri
chahat me teri rahat hai meri
tu dard mera tu hi dawa hai
tu hi ibaadat tu hi duaa hai
tune har lamha sajaya
tujhe pa ke khud ko hai paya
lagata hai yun jaise ke dhoop me ho saya
tu hi meri rooh me samaya
tujhe pa ke khud ko hai paya
lagata hai yun jaise ke tu dhoop me ho saya
tu hi meri rooh me samaya

Lyrics in Hindi (Unicode) of "तू ही मेरी रूह मे"


तू ही मेरी रूह मे समाया
तुझे पा के खुद को हैं पाया
लगता हैं यूँ जैसे के तू धुप मे हो साया
तू ही मेरी रूह मे समाया
तुझे पा के खुद को हैं पाया
लगता हैं यूँ जैसे के तू धुप मे हो साया
तू ही मेरी रूह मे समाया

साँस चले या अब जिस्म छूटे
तू जो रूठे दुनिया ही रूठे
पा लूँ तुझे तो जिंदा रहूँगा
खो के तुझे मैं कैसे जिऊँगा
तू ही मेरे जीने का सहारा
तुझे पा के ओ मेरे यारा
लगता हैं यूँ जैसे के तू अक्स हैं हमारा
तू ही मेरी रूह मे समाया

राह मे तेरी जन्नत हैं मेरी
चाहत मे तेरी राहत हैं मेरी
तू दर्द मेरा तू ही दवा हैं
तू ही इबादत तू ही दुआ हैं
तूने हर लम्हा सजाया
तुझे पा के खुद को हैं पाया
लगता हैं यूँ जैसे के तू धुप मे हो साया
तू ही मेरी रूह मे समाया
तुझे पा के खुद को हैं पाया
लगता हैं यूँ जैसे के तू धुप मे हो साया
तू ही मेरी रूह मे समाया

No comments:

Post a comment