Tumse Mil Ke |
Singer: Javed Ali, Palak Muchal
Music: Vijay Verma
Lyrics: Shakeel Azmi
Star Cast: Rishi Verma, Priyanka Mehta.
The audio of this song is available on youtube.
Lyrics of "Tumse Mil Ke"
teri sohbato ki hawaao me
teri chahato ki fizaao me
teri sohbato ki hawaao me
teri chahato ki fizaao me
main mehak raha hu khil ke
tum se mil ke mil ke mil ke
tum se mil ke mil ke mil mil ke
tum se mil ke mil ke mil ke
tum se mil ke mil ke mil mil ke
teri aankhe hai ya sharare do
ho falak pe jaise sitaare do
teri aankhe hai ya sharare do
ho falak pe jaise sitaare do
tu hai maaheroo tu hijaab hai
tu saraapa ghazal ki kitaab hai
teri shayrana adaao se
teri aashikana nigaho se
rang bikhar rahe hai dil ke
tum se mil ke mil ke mil ke
tum se mil ke mil ke mil mil ke
tum se mil ke mil ke mil ke
tum se mil ke mil ke mil mil ke
yeh jo mujh me itna nikhaar hai
yeh teri nazar ka khumaar hai
yeh jo mujh me itna nikhaar hai
yeh teri nazar ka khumaar hai
yeh hua aaine ke main rubroo
yaa ke aaine me bahaar hai
teri kubato ki panaaho me
teri dhadakno ki sadaao me
hai nishaan meri manzil ke
tum se mil ke mil ke mil ke
tum se mil ke mil ke mil mil ke
tum se mil ke mil ke mil ke
tum se mil ke mil ke mil mil ke
tum se mil ke mil ke mil ke
tum se mil ke mil ke mil mil ke
tum se mil ke mil ke mil ke
tum se mil ke mil ke mil mil ke
Lyrics in Hindi (Unicode) of "तुमसे मिल के"
तेरी सोहबतो की हवाओं मे
तेरी चाहतो की फिजाओं मे
तेरी सोहबतो की हवाओं मे
तेरी चाहतो की फिजाओं मे
मैं महक रहा हूँ खिल के
तुम से मिल के मिल के मिल के
तुम से मिल के मिल के मिल मिल के
तुम से मिल के मिल के मिल के
तुम से मिल के मिल के मिल मिल के
तेरी आँखे हैं या शरारे दो
हो फलक पे जैसे सितारे दो
तेरी आँखे हैं या शरारे दो
हो फलक पे जैसे सितारे दो
तू हैं माहेरू तू हिजाब हैं
तू सरापा ग़ज़ल की किताब हैं
तेरी शायराना अदाओं से
तेरी आशिकाना निगाहों से
रंग बिखर रहे हैं दिल के
तुम से मिल के मिल के मिल के
तुम से मिल के मिल के मिल मिल के
तुम से मिल के मिल के मिल के
तुम से मिल के मिल के मिल मिल के
ये जो मुझ मे इतना निखार हैं
ये तेरी नज़र का खुमार हैं
ये जो मुझ मे इतना निखार हैं
ये तेरी नज़र का खुमार हैं
ये हुआ आईने के मैं रूबरू
या के आईने मे बहार हैं
तेरी कुबतो की पनाहों मे
तेरी धडकनों की सदाओं मे
हैं निशाँ मेरी मंजिल के
तुम से मिल के मिल के मिल के
तुम से मिल के मिल के मिल मिल के
तुम से मिल के मिल के मिल के
तुम से मिल के मिल के मिल मिल के
तुम से मिल के मिल के मिल के
तुम से मिल के मिल के मिल मिल के
तुम से मिल के मिल के मिल के
तुम से मिल के मिल के मिल मिल के
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