1 June 2015

Lyrics Of "Tu Gandi Achhi Lagti Hai" From Movie - Love Sex Aur Dhokha (2010)

Tu Gandi Achhi Lagti Hai
Tu Gandi Achhi Lagti Hai
Lyrics Of Tu Gandi Achhi Lagti Hai From Movie - Love Sex Aur Dhokha (2010): Naughty song sung by Kailash Kher featuring Anshuman Jha, Rajkummar Rao, Neha Chauhan, Nushrat Bharucha, Arya Devdutta, Herry Tangri, Amit Sial.

Singer: Kailash Kher
Music: Sneha Khanwalkar
Lyrics: Dibakar Banerjee






The video of this song is available on youtube at the official channel SonyMusicIndiaVEVO. This video is of 3 minutes 00 seconds duration.


Lyrics of "Tu Gandi Achhi Lagti Hai"


tu gandi achchhi lagti hai
tu bandi achchhi lagti hai
tu kali si kachchi
tu tali si machchhi lagti hai

tu gandi achchhi lagti hai
tu bandi achchhi lagti hai
tu kali si kachchi
tu tali si machchhi lagti hai
main saat janam upwasa hu
aur saat samandar pyasa hu
jee bhar ke tujhko pee lunga
tu gandi achchhi lagti hai
tu gandi achchhi lagti hai
tu bandi achchhi lagti hai
tu kali si kachchi
tu tali si machchhi lagti hai

main na jaanu kya sharam-ae-haya
tujhe jaanke main sab bhool gaya
jo kehte hai ye kufar khata
kafir kya hai unko jab bao
main na jaanu kya sharam ae haya
tujhe jaanke main sab bhool gaya
jo kehte hai ye kufar khata
kafir kya hai unko jab bao
tu gandi achchhi lagti hai
tu bandi achchhi lagti hai
tu kali si kachchi
tu tali si machchhi lagti hai

sach sach main bolne wala hu
main mann ka behad kala hu
tere rang me mann rang lunga
tu rangi achchhi lagti hai
tu sachchi achchhi lagti hai
tu achchhi achchhi lagti hai
tu jhooti, tu roothi achchhi lagti hai
tu gandi achchhi lagti hai
tu bandi achchhi lagti hai
tu kali si kachchi
tu tali si machchhi lagti hai
tu kali si kachchi

Lyrics in Hindi (Unicode) of "तू गन्दी अच्छी लगती है"


तू गन्दी अच्छी लगती है
तू बन्दी अच्छी लगती है
तू कली सी कच्ची
तू तली सी मच्छी लगती है

तू गन्दी अच्छी लगती है
तू बन्दी अच्छी लगती है
तू कली सी कच्ची
तू तली सी मच्छी लगती है
मैं सात जनम उपवासा हु
और सात समंदर प्यासा हु
जी भर के तुझको पी लूँगा
तू गन्दी अच्छी लगती है
तू गन्दी अच्छी लगती है
तू बन्दी अच्छी लगती है
तू कली सी कच्ची
तू तली सी मच्छी लगती है

मैं ना जानू क्या शरम-ऐ-हया
तुझे जानके मैं सब भूल गया
जो कहते है ये कुफर खता
काफ़िर क्या है उनको जब बाओ
मैं ना जानू क्या शरम-ऐ-हया
तुझे जानके मैं सब भूल गया
जो कहते है ये कुफर खता
काफ़िर क्या है उनको जब बाओ
तू गन्दी अच्छी लगती है
तू बन्दी अच्छी लगती है
तू कली सी कच्ची
तू तली सी मच्छी लगती है

सच सच मैं बोलने वाला हु
मैं मन का बेहद काला हु
तेरे रंग में मन रंग लूँगा
तू रंगी अच्छी लगती है
तू सच्ची अच्छी लगती है
तू अच्छी अच्छी लगती है
तू झूठी, तू रूठी अच्छी लगती है
तू गन्दी अच्छी लगती है
तू बन्दी अच्छी लगती है
तू कली सी कच्ची
तू तली सी मच्छी लगती है
तू कली सी कच्ची

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