28 May 2015

Lyrics Of "Jab Mila Tu" From Movie - I Hate Luv Storys (2010)

Jab Mila Tu
Jab Mila Tu
Lyrics Of Jab Mila Tu From Movie - I Hate Luv Storys (2010): Beautiful love song in the voice of Vishal Dadlani featuring Imraan Khan & Sonam Kapoor

Singer: Vishal Dadlani
Music: Vishal Shekhar
Lyrics: Anvita Dutt Guptan
Star Cast: Imran Khan, Sonam Kapoor, Sameer Dattani, Sameer Soni, Kavin Dave.



The video of this song is available on youtube at the official channel SonyMusicIndiaVEVO. This video is of 2 minutes 11 seconds duration.


Lyrics of "Jab Mila Tu"


jaise ghadi ke gihra se waqt kahi pe ghira ho
jaise roshni subah se ho jaye juda
jaise gane aur nazam se sur koi chura le
waise aadha adhoora mai hu tere bina
jab mila tu, ru tu ru tu
na thi kami na justaju ru tu ru tu
aur aadhe aadhe pal huye phir poore yu
jab mila tu, ru tu ru tu

khali jo raat ho
mai khwabo chand taro se wo poori bar du
teri jo baat ho
mai bin kahe hi aadhi pauni poori kar du
jo aadhe se hum hai, wo poore ho tumse
na jane ye sauda bhi kab tay huya
adhoore se kisse, barabar ke hisse
tu dil to mai dua
jab mila tu, ru tu ru tu
na thi kami na justaju ru tu ru tu
aur aadhe aadhe pal huye phir poore yu
jab mila tu, ru tu ru tu

kal tu jo khoyi ho
to gumshuda ye zindagi basar kar du
manzil jo soyi ho
to khwab sare tere hi nazar kar du
to aadhe se dil ko jo laayegi bhi to
mai sau khwahiso se hi bar dunga vo
kare na ye tu tu, abhi ke abhi tu
to aake aazma
jab mila tu, ru tu ru tu
na thi kami na justaju ru tu ru tu
aur aadhe aadhe pal huye phir poore yu
jab mila tu, ru tu ru tu

jaise ghadi ke gihra se waqt kahi pe gira ho
jaise roshni subah se ho jaaye judaa
jaise gane aur nazam se sur ko hi chura le
waise aadha adhoora mai hu tere bina
jab mila tu, ru tu ru tu
na thi kami na justaju ru tu ru tu
aur aadhe aadhe pal huye phir poore yu
jab mila tu, ru tu ru tu
jab mila tu

Lyrics in Hindi (Unicode) of "जब मिला तू"


जैसे घडी के गिहरा से वक़्त कहीं पे घिरा हो
जैसे रोशनी सुबह से हो जाए जुदा
जैसे गाने और नजम से सुर कोइ चुरा ले
वैसे आधा अधूरा मैं हु तेरे बिना
जब मिला तू, रु तू रु तू
ना थी कमी ना जुस्तजू रु तू रु तू
और आधे आधे पल हुए फिर पुरे यु
जब मिला तू, रु तू रु तू

खाली जो रात हो
मैं ख्वाब चाँद तारो से वो पुरी भर दू
तेरी जो बात हो
मैं बिन कहे ही आधी पौनी पूरी कर दू
जो आधे से हम हैं, वो पुरे हो तुमसे
ना जाने ये सौदा भी कब तय हुआ
अधूरे से किस्से, बराबर के हिस्से
तू दिल तो मैं दुआ
जब मिला तू, रु तू रु तू
ना थी कमी ना जुस्तजू रु तू रु तू
और आधे आधे पल हुए फिर पुरे यु
जब मिला तू, रु तू रु तू

कल तू जो खोई हो
तो गुमशुदा ये जिंदगी बसर कर दू
मंजिल जो सोयी हो
तो ख्वाब सारे तेरे ही नजर कर दू
तो आधे से दिल को लाएगी भी तो
मैं सौ ख्वाइशो से ही भर दूंगा वो
करे ना ये तू तू अभी के अभी तू
तो आके आजमा
जब मिला तू, रु तू रु तू
ना थी कमी ना जुस्तजू रु तू रु तू
और आधे आधे पल हुए फिर पुरे यु
जब मिला तू, रु तू रु तू

जैसे घडी के गिहरा से वक़्त कहीं पे घिरा हो
जैसे रोशनी सुबह से हो जाए जुदा
जैसे गाने और नजम से सुर को ही चुरा ले
वैसे आधा अधूरा मैं हु तेरे बिना
जब मिला तू, रु तू रु तू
ना थी कमी ना जुस्तजू रु तू रु तू
और आधे आधे पल हुए फिर पुरे यु
जब मिला तू, रु तू रु तू
जब मिला तू

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